मैथिलीशरण गुप्त जयंती
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–1/इतिहास एवं संस्कृति
सन्दर्भ
- महान भारतीय कवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती प्रतिवर्ष 3 अगस्त को उनकी जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।
परिचय
- जन्म: 3 अगस्त, 1886, चिरगाँव, झाँसी, उत्तर प्रदेश।
- साहित्यिक योगदान: उन्होंने खड़ी बोली हिंदी को साहित्यिक भाषा के रूप में लोकप्रिय बनाया तथा आधुनिक हिंदी कविता में ब्रजभाषा के प्रभुत्व को समाप्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उनकी रचनाओं में राष्ट्रवाद, सामाजिक न्याय तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रमुख स्थान प्राप्त है।
- प्रमुख कृतियाँ: साकेत (उर्मिला के दृष्टिकोण से रामायण का महाकाव्य), भारत-भारती, यशोधरा, पंचवटी तथा जयद्रथ वध।
- उपाधि: महात्मा गांधी ने उनकी देशभक्ति से ओत-प्रोत कृति भारत-भारती (1912) के लिए उन्हें “राष्ट्रकवि” की उपाधि प्रदान की।
- सम्मान: वे 1952 से 1964 तक राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रहे।
- साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 1954 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
स्रोत: AIR
आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–1/इतिहास
सन्दर्भ
- 2 अगस्त को आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय की 166वीं जयंती मनाई गई।
परिचय
- उनका जन्म 2 अगस्त, 1861 को वर्तमान बांग्लादेश के खुलना में हुआ था। वे एक महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद् तथा उद्योगपति के रूप में प्रसिद्ध हुए।
- उन्होंने 1901 में भारत की पहली औषधि निर्माण कंपनी बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स की स्थापना की।
- उन्हें भारत में आधुनिक रसायन विज्ञान का जनक माना जाता है तथा उन्होंने देश में वैज्ञानिक शिक्षा के प्रसार में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
- उन्होंने भारत में रसायन विज्ञान का पहला आधुनिक अनुसंधान विद्यालय भी स्थापित किया।
- वर्ष 1896 में उन्होंने मरक्यूरस नाइट्राइट की खोज की, जिसने धातु नाइट्राइटों पर अनुसंधान का नया मार्ग प्रशस्त किया तथा भारत में आधुनिक रासायनिक अनुसंधान की नींव मजबूत की।
स्रोत: AIR
पिंगली वेंकैया
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–1/इतिहास
सन्दर्भ
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पिंगली वेंकैया
- उनका जन्म 2 अगस्त, 1876 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था।
- वे स्वतंत्रता सेनानी तथा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के मूल डिज़ाइन के निर्माता थे, जो आगे चलकर वर्तमान तिरंगे के रूप में विकसित हुआ।
ध्वज की रूपरेखा
- वर्ष 1921 में उन्होंने विजयवाड़ा में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन के दौरान महात्मा गांधी को राष्ट्रीय ध्वज का एक प्रारूप प्रस्तुत किया।
- इस प्रारूप में भारत के प्रमुख समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाली तीन पट्टियाँ तथा आत्मनिर्भरता के प्रतीक चरखे को शामिल किया गया था।
- वर्ष 1947 में इस डिज़ाइन में संशोधन कर अशोक चक्र को जोड़ा गया, जो न्याय, धर्म तथा प्रगति का प्रतीक है।
सम्मान
- भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किए हैं तथा उनकी स्मृति को सम्मानित करने के लिए तिरंगा उत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
स्रोत: PIB
शिपकी ला दर्रा
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–1/भूगोल
चर्चा में क्यों?
- शिपकी ला दर्रे के माध्यम से भारत-चीन सीमा-पार व्यापार छह वर्ष बाद पुनः प्रारंभ हुआ।
शिपकी ला दर्रा
- यह हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 3,930 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक मोटर योग्य पर्वतीय दर्रा है।
- सतलुज नदी भारत में शिपकी ला (3,930 मीटर) के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहते हुए राज्य के किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, सोलन तथा बिलासपुर जिलों से होकर गुजरती है।
- यह कम-से-कम 15वीं शताब्दी से भारत और तिब्बत के बीच पारंपरिक व्यापारिक मार्ग रहा है, जिसने दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक तथा सभ्यतागत संबंधों को मजबूत किया।
- तिब्बत से ऊन, घोड़े, बोरेक्स, फ़िरोज़ा तथा सोना लाया जाता था, जबकि भारत से अनाज, मसाले, सूखे मेवे, लकड़ी तथा धातु से बनी वस्तुएँ भेजी जाती थीं।
- इन व्यापारिक आदान-प्रदानों ने स्थानीय आजीविका, हस्तशिल्प तथा सांस्कृतिक परंपराओं को समर्थन दिया।
- 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह मार्ग बंद कर दिया गया था तथा डोकलाम गतिरोध और कोविड-19 महामारी के दौरान भी व्यापार बाधित रहा।
- शिपकी ला केवल व्यापारिक मार्ग नहीं था, बल्कि यह साझी बौद्ध विरासत, पशुपालक जीवन-शैली तथा सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक रहा है।
स्रोत: Air
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–2/सरकारी पहलें
सन्दर्भ
- केंद्र सरकार की प्रमुख रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) ने अपने क्रियान्वयन का एक वर्ष पूरा कर लिया है।
PM-VBRY का परिचय
- यह वर्ष 2025 में प्रारंभ की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका कार्यान्वयन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
- उद्देश्य: रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, रोजगारयोग्यता में वृद्धि करना तथा सभी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना, विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना।
- इस योजना का लक्ष्य देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक सार्थक रोजगार सृजित करना है।
- प्रमुख विशेषताएँ:
- पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।
- नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी के लगातार छह महीने तक कार्यरत रहने के बाद 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।


स्रोत: DDNews
लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis)
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–2/स्वास्थ्य
चर्चा में क्यों?
- वर्ष 2026 में केरल में लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों एवं इससे होने वाली मृत्यु में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है।
लेप्टोस्पायरोसिस
- यह एक पशुजन्य (ज़ूनोटिक) रोग है, जो जीवाणु (बैक्टीरिया) के कारण होता है तथा संक्रमित पशुओं के मूत्र अथवा उससे दूषित जल एवं मिट्टी के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है।
- जीवाणु त्वचा पर मौजूद कटे या घाव वाले स्थानों अथवा आँख, नाक और मुँह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं।
- यह रोग 1989 से केरल में स्थानिक (Endemic) है और वर्तमान में राज्य में संचारी रोगों से होने वाली सर्वाधिक मृत्यु का कारण बन गया है।
- यह रोग हल्के से लेकर गंभीर तथा कभी-कभी घातक भी हो सकता है। इसके लक्षण इन्फ्लुएंजा, डेंगू तथा अन्य विषाणुजनित रोगों के समान होते हैं।
- हल्के मामलों का उपचार मुख से दी जाने वाली प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) दवाओं से किया जाता है, जबकि गंभीर रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना आवश्यक होता है।
स्रोत: TH
अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को पैक्स सिलिका पहल में शामिल होने का निमंत्रण
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध
सन्दर्भ
- दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर ने बांग्लादेश को अमेरिका के नेतृत्व वाली पैक्स सिलिका पहल में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
पैक्स सिलिका का परिचय
- पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा पहल है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय साझेदार देशों के बीच सेमिकण्डक्टर्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अवसंरचना तथा महत्त्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाना है।
- प्रथम पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन दिसंबर 2025 में आयोजित हुआ था। इसके हस्ताक्षरकर्ता देशों में ऑस्ट्रेलिया, इज़राइल, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड तथा संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
- ये सभी देश मिलकर वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आपूर्ति श्रृंखला को संचालित करने वाली प्रमुख कंपनियों एवं निवेशकों का केंद्र हैं।
- भारत इस पहल में फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शामिल हुआ।
- इसका उद्देश्य दबावपूर्ण निर्भरता (Coercive Dependencies) को कम करना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए आवश्यक सामग्रियों एवं क्षमताओं की सुरक्षा करना तथा सहभागी देशों को बड़े स्तर पर परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों के विकास एवं उपयोग में सक्षम बनाना है।
- सहभागी देश वैश्विक प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला के रणनीतिक घटकों, जिनमें सॉफ़्टवेयर अनुप्रयोग एवं प्लेटफ़ॉर्म भी शामिल हैं, की सुरक्षा के लिए परस्पर सहयोग करेंगे।
स्रोत: TH
जंगली जल भैंसा (Wild Water Buffalo)
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन–3/समाचारों में प्रजातियाँ
सन्दर्भ
- छत्तीसगढ़ वन विभाग ने असम से जंगली जल भैंसों को लाकर पामेड वन्यजीव अभयारण्य में बने बाड़ों (Enclosures) में रखने की योजना बनाई है।
परिचय
- जंगली जल भैंसा (Bubalus arnee), जिसे एशियाई जंगली भैंसा भी कहा जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप एवं दक्षिण-पूर्व एशिया की एक बड़ी गोवंशीय प्रजाति है।

- वितरण: यह भारत, नेपाल, भूटान, थाईलैंड, कंबोडिया तथा म्यांमार में पाया जाता है।
- विश्व की 90% से अधिक जंगली जल भैंसा आबादी भारत में पाई जाती है, जिसमें अधिकांश असम में तथा छोटी आबादी मेघालय, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कोलामार्का वनों में निवास करती है।
- खतरे: इस प्रजाति के लिए सबसे बड़ा खतरा पालतू भैंसों के साथ संकरण (Interbreeding) के कारण आनुवंशिक विविधता का ह्रास है। इसके अतिरिक्त शिकार तथा पशु रोग भी इसके लिए गंभीर खतरे हैं।
संरक्षण स्थिति:
- आईयूसीएन की संकटग्रस्त प्रजातियों की लाल सूची में इसे इंडेन्जर्ड (Endangered) श्रेणी में रखा गया है।
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची–I के अंतर्गत इसे सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
स्रोत: IE
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